Tuesday, 3 July 2018

कोशिश तो बहोत की थी - Aacky Verma | So Shayari | 2018 Shayari | Breakup poetry

कोशिश तो बहोत की थी, तुम्हें अपने दिल का हाल सुनाने की, पर कम्बख़त लफ्ज़ो ने, कश्म खाई थी न जुबा पर आने की। @AackyVerma नदी नाले सब के सब काले, एक चांद कुछ तारे जो रहते अंबर मैं सारे, बस अब तो जिये जा रहे है उसकी याद के साहारे। @AackyVerma चिड़िया की चु चु, कोयल की कु कु, मैं हो तुम समाये, जिस दिन से गये तुम दूर, उस दिन से अब तक, हर पल तुम मुझे याद आए। @AackyVerma याद मेरे को तुम बहोत आते हो, दिल मेरे को तुम बहोत सताते हो, भुलना जो चाहू तुम्हे मैं अगर, पर हर लम्हा तुम मुझे याद आते हो। @AackyVerma वो मौसम है आया, जिस मौसम मैं उड़ती है kite, आप सभी दोस्तों को , मेरी प्यार भरी gud night. @AackyVerma ================================================



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Rakhi Ek Bandhan Poetry By Aacky Verma | Raksha Bandhan

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